Ziyarat E Nahiya In Hindi Fix Here
ज़ियारत-ए-नहिया का अर्थ है "अस-सलामु अलैका या अبي عبدिल্লাহ الحسين (अस)" यानी "प्यारे इमाम हुसैन (अस) पर शांति हो"।
इस ज़ियारत को पढ़ते हुए ऐसा महसूस होता है जैसे कोई आँखों देखा हाल बयान कर रहा हो। इसमें प्यास, भूख, ज़ख्मों और खेमों के जलाए जाने का विस्तृत वर्णन है। ziyarat e nahiya in hindi
ज़ियारत-ए-नाहिया कर्बला के दर्द का वो आईना है जिसे खुद मासूम इमाम ने बयां किया है। हिन्दी में इसका मुतालिया (अध्ययन) करने से उन लोगों को मदद मिलती है जो अरबी या उर्दू नहीं समझ पाते। इसे ख़ास तौर पर आशुरा के दिन, अरबईन पर और मुहर्रम के महीनों में कसरत से पढ़ा जाता है ताकि कर्बला के शहीदों को ख़राजे-अक़ीदत (श्रद्धांजलि) पेश की जा सके। ziyarat e nahiya in hindi



