Hitler The Rise Of Evil — In Hindi |top|
हिटलर वास्तविक जीवन में उतना चीखने-चिल्लाने वाला नहीं था जितना इस फिल्म में दिखाया गया था। उसकी राजनीतिक आवाज (रैलियों में चीखना-चिल्लाना) सिर्फ एक "शो" था, जबकि उसकी निजी बातचीत शांत और विचारशील हुआ करती थी। इतिहासकारों का तर्क है कि हिटलर को एक "इंसान" के रूप में दिखाना जरूरी है ताकि यह समझा जा सके कि कोई इतना "बैनल" (साधारण) व्यक्ति इतने बड़े अत्याचार कैसे कर सकता है। इसे 'बैनालिटी ऑफ ईवल' (बुराई की साधारणता) कहा जाता है, जिसे बाद में फिल्म ने बेहतर ढंग से पेश किया।
हिटलर ने अपनी शिक्षा लिनज़, ऑस्ट्रिया में पूरी की। वह एक मध्यम दर्जे का छात्र था और कला में विशेष रुचि रखता था। हिटलर ने वियना में कला की पढ़ाई करने की कोशिश की, लेकिन वह दो बार असफल रहा। इसके बाद, वह एक सड़क कलाकार के रूप में काम करने लगा और बाद में एक चित्रकार के रूप में अपना जीवन यापन करने लगा। hitler the rise of evil in hindi
यह अभिनय इसलिए भी उल्लेखनीय था क्योंकि हिटलर को 'इंसानी चेहरा' देना एक बेहद जोखिम भरा प्रयास था। यह फिल्म दर्शाती है कि कैसे कार्लाइल ने हिटलर की अति असुरक्षा को भी दिखाया और उसके सत्ता पाने के जुनूनी आत्मविश्वास को भी। उनके द्वारा भाषणों का अभ्यास करना, रूमाल निकालना और उस ऐतिहासिक मूंछों को अपनाना, सब कुछ देखते हुए हम उस पैदा हो रहे राक्षस को देख सकते हैं जो अपने समय की चुनौतियों का जवाब था। यह सामूहिक सहमति
Hitler: The Rise of Evil केवल एक टीवी शो नहीं है; यह सामूहिक सहमति, लोकतंत्र की विफलता और बुराई को सही ठहराने वाले प्रचार के खिलाफ एक चेतावनी है। यह सीरीज इस डरावनी सच्चाई को उजागर करती है कि जब आम लोग "कुछ नहीं" करते हैं, तब बुराई की जीत होती है। hitler the rise of evil in hindi
about the Treaty of Versailles and the Weimar Republic.
: The film attempts to trace the "developing mind" of Hitler from his childhood to his consolidation of power, portraying his motivations as being driven by anger and ego. Influential Figures
अंततः वह जर्मनी का चांसलर बनता है और राष्ट्रपति हिंडनबर्ग की मृत्यु के बाद खुद को 'फ्यूहरर' (Führer) घोषित कर देता है।

