तौरात किताब मानवता के इतिहास को आकार देने वाले सबसे शुरुआती धार्मिक कानूनों में से एक है। चाहे वह यहूदी परंपरा हो, ईसाई धर्म (जहां इसे ओल्ड टेस्टामेंट का हिस्सा माना जाता है) या इस्लाम—हज़रत मूसा पर प्रकट इस ग्रंथ की गूंज आज भी दुनिया के कोने-कोने में सुनाई देती है। हिंदी में तौरात के इतिहास को समझना हमें प्राचीन धार्मिक इतिहास और सांस्कृतिक विकास की गहरी समझ देता है।
इस्लाम में तौरात को अल्लाह द्वारा भेजी गई चार प्रमुख किताबों में से एक माना जाता है। हालांकि, मुस्लिम विद्वानों का मानना है कि समय के साथ मूल पाठ में बदलाव (तहरीफ) किए गए हैं, फिर भी इसके मूल संदेश का सम्मान किया जाता है।
हिंदी में उपलब्ध अनुवादों के कारण आम लोग अब इसे अपनी भाषा में समझ सकते हैं। इतिहास की जानकारी: taurat kitab hindi
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(आखिरी पैगंबर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर)
यदि आप तौरात किताब से जुड़े किसी खास विषय के बारे में अधिक विस्तार से जानना चाहते हैं, तो कृपया बताएं: जिसका अर्थ है "कानून
'तौरात' शब्द इब्रानी (Hebrew) भाषा के शब्द 'टोराह' (Torah) से आया है, जिसका अर्थ है "कानून," "शिक्षा," या "निर्देश" [1, 2]। इस्लाम, यहूदी और ईसाई धर्म में इसे ईश्वर की पुस्तक माना जाता है। तौरात में उन प्रमुख शिक्षाओं और कानूनों का संग्रह है जो हज़रत मूसा को माउंट सिनाई (Mount Sinai) पर प्राप्त हुए थे।